त्रिधारा न्यूज- चमोली/- उत्तराखंड के अनेकों गावों में आज सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीण पहाड़ जैसा जीवट जीवन जीने को मजबूर हैं।सड़क के अभाव में ग्रामीण कोसों मील पैदल चलकर ही सड़क तर पहुंचते हैं।जबकि बिमार लोगों को डोली,डंडी-कंडी के माध्यम से पहुचाना मजबूरी बन कर रह गयी है।ऐसा ही एक मामला चमोली जनपद से सामने आया है। पिनाऊ गॉव की एक गर्भवती महिला खिमली देवी उम्र 33 वर्ष की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने गॉव से करीब 06 KM तक डंडी-कंडी और कुर्सी सहारे कंधों में उठाकर गर्भवती महिला को नजदीकी असताल तक पहुचाया।महिला को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए हेली सेवा की कोशिश की गयी लेकिन मानसून सीजन के चलते कम विजिबिलिटी होने की वजह से हेलीकॉप्टर वापस लौट गया। ग्रामीणों ने पैदल और वाहन के जरिए गुरूवार देर रात महिला को देवाल अस्पताल पहुंचाया। इस घटना ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 26वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाओं पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है।
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