पम्पिंग पेयजल योजना के पुनर्गठन पर करोड़ो खर्च होने के बाद भी लोग प्यासे, ग्रामीण करेंगे धरना प्रदर्शन

 


   भिकियासैण/- अल्मोड़ा जनपद के ब्लाक भिकियासैण अंतर्गत नौला-मानिला देवी कमराड़ पम्पिंग पेयजल योजना 80 के दशक में व्यापक जनआंदोलन के बाद अस्तित्व में आयी थी।50से अधिक गॉव इस पेयजल योजना पर निर्भर हैं।क्योंकि नौले, धारे सूख चूके हैं। लेकिन बीते दो सप्ताह से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति चरमरा गयी है।जिससे ग्रामीण परेशान हैं।पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने 3जुलाई शुक्रवार को तहसील में धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। 

 उत्तराखंड क्रॉति दल के वरिष्ठ नेता तुला सिंह तड़ियाल ने जानकारी देते हुये बताया है कि पेयजल योजना का ₹17करोड़ की लागत से पुनर्गठन का कार्य होने के बाद भी सिनार,विनायक, बौली आदि क्षेत्र के 50से अधिक गावों में दो सप्ताह से पानी की आपूर्ति चरमरा गयी है।ग्रामीण कोसों दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं।उन्होंने कहा नौला पम्प हाउस में विद्युत वोल्टेज को कंट्रोल करने के लिए स्टैपलाइजर नहीं लगे हैं।जिस वजह से विद्युत वोल्टेज बढ़ने पर पर्याप्त पम्पिंग टंकों में नहीं हो रही है।अनेकों बार विभागीय अधिकारियों से मांग करने के बाद भी व्यवस्था में सुधार नही किया गया।उन्होंने कहा है क्षेत्र के ग्रामीण आज शुक्रवार को तहसील मुख्यालय भिकियासैण में धरना प्रदर्शन करेंगे। तथा निराकरण नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जायेगा।

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