त्रिधारा न्यूज/- अंकिता हत्याकांड के विरोध में रविवार को बाजार बंद के आह्वान का अल्मोड़ा और रानीखेत नगर में असर नही दिखाई दिया। जबकि चौखुटिया, भिकियासैण, मासी में बाजार बंद रहा। भिकियासैण तथा मासी बाजार पूरे दिन पूर्ण रूप से बंद रहे।स्याल्दे में भी बाजार बंद रहा।अंकिता हत्याकांड में हुए नए खुलासे, कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने और निष्पक्ष वीआईपी जांच को लेकर कांग्रेस, यूकेडी सहित अन्य संगठनों ने बंद का आह्वान किया हुआ था। इधर व्यापार मंडल की ओर से किसी बंद को लेकर किसी प्रकार को दबाव नही डाला गया था। अल्मोड़ा में साप्ताहिक बंदी के बीच रविवार को खुलने वाली दुकानें खुली रहीं। नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में बंद का कोई असर नहीं दिखाई दिया। वही, रानीखेत में भी बाजार अन्य दिनों की तहर खुला। स्याल्दे बाजार में प्रदर्शन कर
बाजार चौराहे में वीआईपी का पुतला दहन किया गया। इस दौरान एडवोकेट राकेश बिष्ट, एडवोकेट ललित बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य जितेन्द्र रजवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रताप राम, क्षेत्र पंचायत सदस्य भुवन मनराल, दिगम्बर धौलाखण्डी, पूरन पालीवाल, विरेंद्र नेगी, संजय नेगी, बालम मनराल, धीरज गोस्वामी, पंकज रजवार, ऋषि रावत, हरीश मुक्चाडी़, राजेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।जबकि देघाट बाजार में भी बन्द का मिलाजुला असर रहा। देघाट में महिलाओं ने अंकिता को न्याय दो के नारे के साथ रैली निकाल कर विरोध जताया। सरकार के खिलाफ नारे बाजी की। यहां महिलाओं ने देवी मन्दिर से बाजार तक जूलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
ईकूखेत में न्याय सभा एवं आक्रोश रैली
अंकिता भण्डारी प्रकरण की सरकार द्वारा सीबीआई जाँच की स्पष्ट समय-सीमा तय करने,तथाकथित वीआईपी कौन है इसका सच देश के सामने लाने व दोषियों को फाँसी की सज़ा देने की मांग को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री न्याय की गुहार लगाई है।तथा इकूखेत बाजार में आक्रोश रैली निकालकर न्याय सभा की।यहां बंद के समर्थन में बाजार बंद रहा।इस दौरान पूजा रावत, रितिका टम्टा, सीमा देवी, संजू देवी, संग्रामी देवी, धनुली देवी,,राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र नेगी, देव सिंह रावत, मंगल राम, मोहन चन्द्र,सुनील टम्टा सोशियल एक्टिंविस,आनन्द राम पूर्ब प्रधान, सतेंद्र सिंह,वीरेंद्र सिंह ,सतीश टम्टा, सतीश सिंह, प्रताप सिंह, गोपाल सिंह,अमर सिंह आदि उपस्थित रहे।


